Monday, July 28, 2008

"खत"















"खत"

आज लहू का कतरा कतरा स्याई बना है,
और ये जख्मी दिल ही खत की लिखाई बना है.

दर्द बडा बेदर्द है, वो ही गवाही बना है,
तार- तार हर दिल कौना तबाही बना है.

देख मेरे चाहत का किस्सा जग हंसाई बना है,
मेरे बर्बादी का सारा ही जहाँ तमाशाई बना है.

नाम वफा था जिसका वो ही बेवफाई बना है,
जख्मों से रिसता लहू मेरी सच्चाई बना है.

कोई साथ नही हर मंजर तन्हाई बना है ,
आंसू का हर मोती मेरा हमराही बना है.

खुने दिल से लिखा ये "खत",मेरे रुसवाई बना है,
घडी कयामत की है जिसमे जनाजा हे मेरी शहनाई बना है!



10 comments:

Anonymous said...

Hi,

Read your poem, it is really full of pain n emotions. wonderful poetry. i have never read before.

छत्‍तीसगढिया .. Sanjeeva Tiwari said...

"The day i will know about myself, i wll be free from every thing"

एक प्रसिद्ध शायर का यह शेर आपके मुक्ति के पल को समाज के प्रति शव्‍दों के दायित्‍व से और भी जकडता है (शेर के कुछ शव्‍दों में गलतियां हो सकती है इसके भाव को ध्‍यान दें)
कैदो हयात बंदे गम असल में दोनो एक हैं
मौत से पहले कोई इससे निजात पाये क्‍यों ।

आरंभ

mukesh said...

very good

Anonymous said...

keh diya "Intezaar karna kal tak ke liye"
ttaal denge hum bhi marna kal tak ke liye
sammet lega khat unka aate hi apne aap me
padega humen sirf bikharna kal tak ke liye

surender kumar abhin

rakhshanda said...

कोई साथ नही हर मंजर तन्हाई बना है ,
आंसू का हर मोती मेरा हमराही बना है.

खुने दिल से लिखा ये "खत",मेरे रुसवाई बना है,
घडी कयामत की है जिसमे जनाजा हे मेरी शहनाई बना है!

bahut pyara...dil mein utar gaya seema ji...

Udan Tashtari said...

वाह! आनन्द आ गया.

महामंत्री-तस्लीम said...

कोई साथ नही हर मंजर तन्हाई बना है ,
आंसू का हर मोती मेरा हमराही बना है.

हकीकत के करीब शेर है, बहुत बहुत बधाई।

cg4bhadas.com said...

होली की हार्दिक शुभकामनाये आपका ब्लाग भी बहुत सुन्दर है

Anonymous said...

MIT GAYE MAREE UMEEDOON KEE TARA HARF MAGAR, AAJ TAK TAREY KHATOON SAY TAREE KUSHBOO NA GAYEE

An Indian in KSA

अभिन्न said...

aapko naye sire se padh raha hoon,(naya nahi likhoge to kaya karen purana hi dobara padh lete hain)bahut masumiyat se likhi gai panktiyan...jaise koi bachcha cycle sikhte hue baar baar girta sambhlta hai.....full of strong will to do better