Thursday, October 23, 2008

"chley aao"


























































"चले आओ"





आज फिर दिल तुझे याद किए है


चले आओ


आज फिर हर एक फरियाद लिए हैं


चले आओ


हर तरफ़ मायूसियों से घिरे साए हैं


आज फिर ये दिल परेशान किए है


चले आओ
हर एक चोट सिसक कर उभर आई है


आज फिर हर ज़ख़्म से लहू बहे है


चले आओ
ये दिल बेआस, हर निगाह में प्यास है,


आज फिर मुलाकात को दिल चाहे है


चले आओ
शिकवे किए खुद से, और शिकायतें भी हैं,


आज फिर हमें ये किस्से उलझाएँ हैं,


चले आओ
तेरे आने का गुमान करती हर आहट है,


आज फिर ज़िंदगी से पहले मौत आए है


चले आओ







13 comments:

mukesh said...

agar aapko bura na lage to main aapki is rachna ko no. dena chhta hu or wo bhi (1st) kyuki aaj mujhe bhi kissi ke lout aane ka intjar hai. bhagwan kare wo lout aaye.

Anonymous said...

Chale aao shirshak wali aapki ghazal bahut achchi lagi' khaskar ye panktiyan
/ TETE AANE KA GUMAN KARATI HAR AAHAT HAI
AAJ PHIR ZINDGI SE PEHLE MOUT AAYE HAI CHALE AAO/
सुरेन्द्र कुमार अभिन्न

Anonymous said...

shabd shilp par hai itna adhikar aapka
ke har shabd lekhni se nikla kamal kar jata hai
saarthak ban jati hai har rachna jab bhav,
Padne wale ki jaan nikal kar jata hai

सुरेन्द्र कुमार अभिन्न

'ताइर' said...

ये दिल बेआस, हर निगाह में प्यास है,
आज फिर मुलाकात को दिल चाहे है चले आओ

lajawab...bahot badhiya...

मोहन वशिष्‍ठ said...

सीमा जी कुछ कह नहीं सकता रचना के बारे में बस इतना ही कहूंगा वो अंग्रेजी में कहते हैं ना कि वो क्‍या कहते हैं उसे hmmm MIND BLOWING सुपर डुपर और साथ में चित्र सोने पर सुहागा

बधाई हो सीमा जी आपको

Anonymous said...

tumnay pukara aur hum chalay aaye
jaan hatheli par lay aaye

.......................tumhara apna koi...........jaisay'chakor'

अभिषेक ओझा said...

Waah kamaal ki lekhani hai aapki !

Birds Watching Group Ratlam (M.P.) said...

hi
nice ghazzal
really
rajesh

अंगूठा छाप said...

v nice


vv nice

विनय प्रजापति 'नज़र' said...

आज फिर दिल तुझे याद किए है चले आओ
आज फिर हर एक फरियाद लिए हैं चले आओ
हर तरफ़ मायूसियों से घिरे साए हैं
आज फिर ये दिल परेशान किए है चले आओ

lines are so beautiful!

Internet Existence said...

nice

महेन्द्र मिश्र said...

बहुत खूब .....ये दर्द भी जायेगा और ये जीवन भी....अफ़सोस कि वो नही आयेगा...यही सच है..कड़्वा लेकिन इसी से जन्मती हैं कवितायें...लिखती रहिये और जीती रहिये..शुभकामनायें...

नरेश सिह राठोङ झुन्झुनूँ राजस्थान said...

magic of word, veri nice---bole to jhakkkass