Tuesday, June 23, 2015

SAD URDU POETRY .......Mohabbat Mom Hoti Hai..





Lyrics and graphics: Seema Gupta

Voice: Zahid Nisar

सुना है उसकी आँखों से

हमेशा बर्फ  गिरती है

वो जब खामोश होती है

क़यामत काँप  जाती है

वो अपने पावं  के छालों पे

मरहम भी नहीं रखती

वो अपने जिस्म -ओ - जां में

इश्क़ की सरहद नहीं रखती

उसे मतलब नहीं

बाम-ए-फ़लक के चाँद तारों से

उसे तो रब्त है

सदियों पुराने ग़म गुसारों  से

कोई तो उसको समझाए

मोहब्बत मोम होती है

कभी ऐसा भी होता है

मोहब्बत में

मोहब्बत से

मोहब्बत टूट  जाती है

मोहब्बत मोम होती है

मोहब्बत मोम होती है ......

1 comment:

राकेश कौशिक said...

वाह - मोहब्बत मोम होती है